नई दिल्ली, मई 21 -- सुहेल हामिद नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय सरकार में दो विधायकों के शपथ के साथ कांग्रेस की राज्य में सत्ता से दूरी खत्म हो गई है। पार्टी को उम्मीद है कि पूरे 59 वर्ष बाद सत्ता में मिली हिस्सेदारी से राज्य में खोई हुई अपनी जमीन वापस पाने में मदद मिलेगी। तमिलनाडु में कांग्रेस के सिर्फ पांच विधायक हैं। यह भी पढ़ें- गठबंधन की चुनावी राजनीति में बढ़ी है कांग्रेस की भूमिकाद्रविड़ राजनीति का प्रभाव वर्ष 1967 में तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के उदय के बाद कांग्रेस लगातार हाशिए पर रही है। इन वर्षों में पार्टी ने दोनों द्रविड़ पार्टियों एआईएडीएमके और डीएमके के साथ गठबंधन किया, पर इन पार्टियों ने कभी सत्ता में हिस्सेदारी नहीं दी। यही वजह थी कि पार्टी के अंदर सत्ता में हिस्सेदारी की मांग लगातार जोर पकड़ रही थी। यह ...