बरेली, मई 16 -- मलेरिया-डेंगू के हमले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की गंभीरता मझगंवा ब्लाक में तार-तार नजर आती है। जिन स्वास्थ्य केंद्रों के भरोसे बुखार नियंत्रण का दावा किया जा रहा है, मौके पर उनकी हालत बदहाल है। कई स्वास्थ्य केंद्रों के सामने जो मवेशी बैठते हैं और वहां तबेले जैसी स्थिति है। खिड़की-दरवाजे तक उखड़ गए हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने इन जर्जर-खस्ताहाल भवनों की दीवार का ही एक हिस्सा पोतकर उस पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर लिखवा दिया है। मझगवां के अखा मुस्तकिल में करीब डेढ़ दसक पहले ही उप स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया था। यह स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह बदहाल हो चुका है। खिड़की-दरवाजे उखड़ गए हैं। आसपास के मवेशी अंदर बैठते हैं और चारों तरह गंदगी-गोबर जमा हो गया है। यहां एएनएम की तैनाती भी है लेकिन बैठने की जगह तक नहीं है। एएनएम पास बने एक कमरे...