भभुआ, अप्रैल 22 -- दिन और दोपहर पेड़ की छाया और रात में झोपड़ी के दरवाजे या रास्ता आता है काम बोले गरीब, न काम मिल रहा और न तपिश में काम करने का मन कर रहा है (पटना का टास्क) भभुआ, नगर संवाददाता। शहर और आसपास की गरीब बस्तियों में निवास करनेवाले लोगों की जिंदगी को गर्मी ने मुश्किल बना दिया है। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों के बीच झोपड़ियों में रहना किसी सजा से कम नहीं। शहर के वार्ड सात के सेवरी नगर में लगी झोपड़ियां न सिर्फ दोपहर बल्कि रात में भी खाली ही रह जा रही हैं। ऐसा क्यों के सवाल पर संजय मुसहर ने बताया कि उनकी झोपड़ी टाट और प्लास्टिक से तैयार है। यह भी पढ़ें- मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण और बुनियादी ढांचे के लिए चुनौती बन रही गर्मी कुछ लोग रहर की बाती (डंठल) से और कुछ बोरी से घेर दिए हैं। लेकिन, तपिश ऐसी है कि टाट-प्लास्टिक की झोपड़ी तपने लग र...
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