नई दिल्ली, फरवरी 20 -- हिन्दुस्तान समाचार पत्र के अभियान बोले अलीगढ़ के तहत गुरुवार को टीम ने पहले रोजे पर ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद का रुख किया। इस दौरान रोजेदारों ने संवाद में अपनी पूरी दिनचर्या बताई। उन्होंने बताया कि रात करीब साढ़े तीन बजे से घरों में हलचल शुरू हो गई। युवाओं ने अलार्म लगाकर खुद को उठाया। कई घरों में बेटों ने मां के साथ सहरी की तैयारी में हाथ बंटाया। खजूर, फल, दही, पराठे और पानी के साथ सहरी पूरी हुई। फज्र की नमाज़ के बाद कुछ युवाओं ने कुरआन की तिलावत की और फिर थोड़ी देर आराम किया। रोजेदारों ने बताया कि पहला रोजा इस बार केवल भूख-प्यास का अभ्यास नहीं रहा, बल्कि आत्मसंयम और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश लेकर आया। युवाओं ने तय किया कि पूरे रमजान वे समय की पाबंदी, बुरी आदतों से दूरी और जरूरतमंदों की मदद जैसे संकल्प निभाएंगे। प...