ओम प्रकाश सती, मई 14 -- जंगलों में बढ़ता पर्यटन और अत्यधिक मानवीय दखल से बाघों की प्रजनन क्षमता पर असर पड़ने लगा है। अत्यधिक तनाव के कारण बाघिनें कमजोर शावकों को जन्म दे रही हैं। काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) के वैज्ञानिकों के अध्ययन में यह तथ्य सामने आए हैं। उत्तराखंड के कार्बेट सहित देश के पांच टाइगर रिजर्व में किए गए शोध के बाद सामने आया है कि इन क्षेत्रों में बफर के साथ कोर जोन में भी मानवीय दखल के कारण बाघ तनाव में हैं। इससे बाघों में शिकार की आदत भी बदल रही है। अमूमन तड़के, शाम और रात को शिकार करने वाले बाघ अब सुबह-शाम पर्यटन गतिविधियों की वजह से शिकार कम कर रहे हैं। वे या तो रात में या दोपहर में आराम के बीच मौका लगने पर शिकार कर रहे हैं। यह भी पढ़ें- राजाजी टाइगर रिजर्व में मंत्री के बेटे की शादी पर शादी को...