गढ़वा, जुलाई 23 -- गढ़वा, हिटी। करीब डेढ़ दशक से बिना तड़ित चालक मानसून के दौरान स्कूलों में पढ़ने वाले तीन लाख से अधिक विद्यार्थियों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। हैरानी की बात यह है कि वज्रपात से बचाव के लिए जरूरी सुरक्षा उपकरण तड़ित चालक (लाइटनिंग अरेस्टर) पिछले करीब 15 वर्षों से अधिसंख्य विद्यालयों में नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में हर बारिश के साथ लाखों बच्चों और शिक्षकों पर खतरा मंडराने लगता है। सबसे अधिक चिंता आवासीय विद्यालयों में रहने वाली छात्राओं को लेकर है, जिन्हें चौबीसों घंटे विद्यालय परिसर में ही रहना पड़ता है। यह भी पढ़ें- सिमडेगा के लगभग 1100 सरकारी विद्यालयों में तड़ित चालक की व्यवस्था नहीं यह भी पढ़ें- बरसात के साथ बढ़ा वज्रपात का खतरा यह भी पढ़ें- Palamu News: अधिकांश स्कूलों में तड़ित चालक नहीं होने से शिक्षक व विद्यार्थी रहते ...