कन्नौज, मई 11 -- नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि त्याग और समर्पण की पराकाष्ठा है। अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर हमें यह समझना होगा कि स्मार्ट तकनीक के साथ-साथ स्मार्ट सुविधाएं और सम्मान देना भी समाज की जिम्मेदारी है। आखिर रोबोट इलाज में मदद तो कर सकते हैं, लेकिन वे घाव पर मरहम और दिल को ढांढस नहीं बंधा सकते।​सफेद एप्रन में छिपे इन फरिश्तों को सलाम, जो तकनीक के दौर में भी इंसानियत को जिंदा रखे हुए हैं। चिकित्सा जगत की रीढ़ मानी जाने वाली नर्सों का कार्य अब केवल दवा देने तक सीमित नहीं रहा। आज एआई और रोबोटिक्स जैसी तकनीकों ने उनके काम करने के तरीके को बदल दिया है। तकनीक ने जहां रिकॉर्ड कीपिंग और मरीज की मॉनिटरिंग को आसान बनाया है, वहीं चुनौतियों के नए पहाड़ भी खड़े किए हैं। ​20-25 वर्षों से सेवा दे रहीं अनुभवी नर्सों का मानना है कि पहले सारा क...