औरंगाबाद, फरवरी 7 -- जिले में किसान पंजीकरण का कार्य विशेष अभियान के तहत किया जा रहा है, जिसका दूसरा चरण पहले 2 से 6 फरवरी तक निर्धारित था, लेकिन बाद में इसे 11 फरवरी तक बढ़ा दिया गया। रजिस्ट्रेशन के लिए पंचायत स्तर पर कैंप लगाए जा रहे हैं और कर्मी घर-घर जाकर ई-केवाईसी तथा फार्मर रजिस्ट्रेशन का कार्य कर रहे हैं। कुटुंबा प्रखंड में प्रत्येक पंचायत में प्रतिदिन एक शिविर लगाया जा रहा है, वहीं हर पंचायत में तीन-तीन टीमें डोर-टू-डोर अभियान में लगी हैं, जिनमें प्रत्येक टीम में दो सदस्य शामिल हैं। इसके बावजूद नाम की स्पेलिंग में त्रुटि, भूमि प्लॉट का सिस्टम में दर्ज नहीं होना और राजस्व अभिलेखों की गड़बड़ी जैसी तकनीकी समस्याओं के कारण कई किसानों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि पहले राजस्व से जुड़े दस्तावेज दुरुस्त किए ...