प्रमुख संवाददाता, सितम्बर 13 -- UP News: लखनऊ मेट्रो (Lucknow Metro) का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। पुराने लखनऊ की तंग गलियों, घने बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों के बीच अब मेट्रो दौड़ने की राह साफ हो गई है। ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के फेज-1बी का भूमिगत रूट फाइनल कर लिया गया है। करीब 11.165 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में 6.879 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत और 4.286 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड रहेगा। भूमिगत हिस्से में सात स्टेशन बनाए जाएंगे, जबकि एलिवेटेड सेक्शन में पांच स्टेशन होंगे। चारबाग से बसंतकुंज तक इस नए कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत इसका पुराने लखनऊ से होकर गुजरना है। यहां सड़कें अपेक्षाकृत संकरी हैं और बड़ी संख्या में बाजार, आबादी और प्रमुख धार्मिक-सांस्कृतिक स्थल आसपास हैं। ऐसे में सड़क के ऊपर मेट्रो का ढांचा खड़ा करने के बजाय बड़े हिस्से को जमीन के नी...