सीतामढ़ी, अप्रैल 8 -- सीतामढ़ी। जिले में कृषि विभाग द्वारा ढैंचा की खेती को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। किसानों को इस पारंपरिक अत्यंत उपयोगी हरी खाद के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है। जिससे वे रासायनिक खाद पर अपनी निर्भरता कम कर सकें और मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर बना सकें। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि ढैंचा एक उत्कृष्ट हरी खाद है। जो न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है। बल्कि उसकी संरचना में भी सुधार करती है। विभाग द्वारा गांव-गांव जाकर किसानों को इसके फायदे बताए जा रहे हैं और इसे अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। 50 प्रतिशत तक नाइट्रोजन की पूर्ति संभव : विशेषज्ञों के अनुसार ढैचा की खेती से मिट्टी में करीब 50 प्रतिशत तक नाइट्रोजन की पूर्ति संभव है। यह फसल कम समय में तैयार हो जाती है और खेत में ...
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