अमरोहा, जनवरी 17 -- मंडी धनौरा, संवाददाता। जिगर के टुकड़े की झलक पाने को पिता की आंखें ढाई साल तक तरसती रहीं। हर दिन बेटे के लौटने के लिए दुआएं मांगी, लेकिन उम्मीद टूटती चली गई। बेटे के लापता होने के बाद से पिता दर-दर भटकता रहा। पुलिस अधिकारियों से गुहार व हर जानने वालों से यही सवाल करता कि मेरे बेटे को पता चला क्या। लेकिन परिवार पर दुखों का पहाड़ उस समय टूट पड़ा जब डीएनए रिपोर्ट में उसकी पहचान सिर्फ कंकाल तक सिमट कर रह गई। मामला यह है कि ढाई साल पहले जंगल में मिले एक मासूम के नर कंकाल की गुत्थी आखिरकार डीएनए रिपोर्ट से सुलझ गई है। मां-बाप के डीएनए से कंकाल के सैंपल का मिलान होने के बाद यह साफ हो गया है कि वह कंकाल जुलाई 2023 से लापता सात वर्षीय अबुबद्र का ही था। लिहाजा, एसपी अमित कुमार आनंद ने विवेचना के आदेश दिए हैं। पहले कंकाल के पास म...
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