मुरादाबाद, मार्च 15 -- मुरादाबाद। ढलाई भट्ठियों पर अब कोयले से काम होने लगा है। एलपीजी की किल्लत का सीधा असर ढलाई भट्ठियों में दिखाई दिया। मुरादाबाद में गैस एवं सौर ऊर्जा से संचालित की जा रहीं तीस भट्ठियों में फिर से कोयला धधकने लगा है। ढलाई भट्ठियों को गैस से संचालित करने की पहल आर्टीजनों की संस्था हस्तशिल्पी जनकल्याण समिति की ओर से की गई थी। जिसके तहत संस्था ने वैज्ञानिकों की मदद से तीस ऐसी भट्ठियां तैयार कराईं। जिनका संचालन गैस व सौर ऊर्जा से होता है। संस्था के पदाधिकारी अनवार हुसैन ने बताया कि जो तीस कारीगर गैस की भट्ठी का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने इसकी वजह से प्रदूषण कम होने, अपनी कार्य क्षमता बढ़ने और लागत घटने की बात साझा की, लेकिन, अब एलपीजी संकट के चलते ये कारीगर एक बार फिर भट्ठी में कोयला जलाने को मजबूर हो गए हैं। उत्पादों की ...
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