गोरखपुर, सितम्बर 29 -- गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। पूर्वोत्तर रेलवे समेत पूरे देश में रेल हादसा होने पर वहां ड्रोन से रिकार्डिंग की जाएगी। इसके लिए एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (एआरटी) के कर्मचारियों को फारेंसिक विशेषज्ञ हर तरह की जांच में दक्ष बनाएंगे, ताकि हादसों की जांच की सटीक कारण पता चल सके। गोंडा रेल हादसे की जांच के बाद कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) ने संरक्षा को देखते हुए ये दो बड़ी सिफारिश की थी। बोर्ड ने इसकी मंजूरी दे दी है। सीआरएस ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सभी एआरटी को स्टेशन या यार्ड में इस तरह से बर्थ (खड़ा) किया जाना चाहिए कि यह महज पांच मिनट के अंदर लक्ष्य ब्लॉक सेक्शन तक पहुंच जाए। इसके साथ ही एआरटी कर्मचारियों को फोरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा वीडियोग्राफी, साइट अवलोकनों को रिकॉर्ड करने और सुरागों के संरक्षण में प्रशिक्षित कि...