सहरसा, अगस्त 5 -- सहरसा। अब ड्रोन की लिडार तकनीक रेल पुलों वर्तमान स्थिति का राज खोलेगा। ड्रोन की मदद से टेरेस्ट्रियल लिडार तकनीक का उपयोग करके सूक्ष्म दरार या अन्य तरह की खामियों को उजागर किया जा सकेगा। इस नई तकनीक के जरिए पुलों की वर्तमान स्थिति से संबंधित डेटा इकट्ठा किया जा सकेगा। सटीक 3डी मॉडल भी बनाए जा सकेंगे। समस्तीपुर मंडल इस तरह की हाईटेक तकनीक का उपयोग अपने क्षेत्राधिकार के तीन रेल पुलों पर करेगा। जिसमें दो रेल पुल 50 और 51 कोसी की लाइफलाइन मानसी-सहरसा रेलखंड में बागमती नदी पर अवस्थित है。

निगरानी एवं निरीक्षण कार्य पुल नंबर 50 के पियर में कुछ माह पूर्व सूक्ष्म दरार भी दिखा था, जिसके बाद जांच के लिए आरडीएसओ लखनऊ की टीम भी आई थी। वर्तमान में इस पुल पर कॉशन लगाकर मात्र 30 किमी प्रति घंटे की गति से ट्रेन चलाई जा रही है। इसके बगल म...