किशनगंज, फरवरी 21 -- ठाकुरगंज। निज संवाददाता कभी किशनगंज जिले की नई पहचान बनी ड्रैगन फ्रूट की खेती अब छोटे और मध्यम किसानों के लिए चुनौती का विषय बनती जा रही है। ऊंची स्थापना लागत, बाजार की अनिश्चितता, सीमित स्थानीय मांग, तकनीकी जानकारी का अभाव और अपर्याप्त सरकारी सहयोग के कारण किसान इस महंगी नकदी फसल से दूरी बना रहे हैं। किसानों का कहना है कि ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू करना आसान नहीं है। एक हेक्टेयर में खेती लगाने के लिए पहले वर्ष ही लगभग 27 लाख रुपये तक का खर्च आ जाता है। कंक्रीट के खंभे, लोहे का ट्रेलिसिंग ढांचा, ड्रिप सिंचाई प्रणाली, उच्च गुणवत्ता वाले पौधे और खेत की तैयारी में भारी निवेश करना पड़ता है। दूसरे वर्ष मजदूरी, खाद, सिंचाई और रख-रखाव पर करीब 7 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च होता है। इस तरह दो वर्षों में कुल लागत 34 लाख रुपये प्रति ह...
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