पटना, दिसम्बर 1 -- ड्राइविंग लाइसेंस बनाने को हर श्रेणी के लिए शुल्क निर्धारित है। इसके बावजूद लोग आठ से 15 हजार रुपये देकर ड्राइविंग लाइसेंस बनवा रहे हैं। जब दलाल पैसे ले लेता है और लाइसेंस नहीं देता है तो ऐसे लोग जिला परिवहन कार्यालय पहुंच कर शिकायत करते हैं। छह महीने में आठ हजार ऐसे मामले आए जिनमें लोगों ने डीटीओ कार्यालय में शिकायत की है। दलाल ने ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के नाम पर मोटी रकम भी वसूल ली और कई महीनों से टरका भी रहा है। लोगों की शिकायत पर पटना जिला परिवहन कार्यालय ने ऐसे 25 साइबर कैफे को चिह्नित किया है। इनमें सबसे ज्यादा बाइपास इलाके, हनुमान नगर, कंकड़बाग, कुर्जी, मैनपुरा, दीधा, दानापुर आदि जगहों पर ऐसे साइबर कैफे हैं। ये साइबर कैफे वाले सारा दस्तावेज लेकर ऑनलाइन आवेदन करते हैं। लर्निंग के लिए आवेदक को टेस्ट भी नहीं देना ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.