नई दिल्ली, अक्टूबर 26 -- ब्राजील में राष्ट्रपति का चुनाव इस बार ऐतिहासिक रहा है। राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा चौथी बार देश का सबसे बड़ा पद संभालने जा रहे हैं। इसके साथ ही ब्राजील के इतिहास में पहली बार हुआ है जब पहली चरण में चुनाव हारने वाला शख्स दूसरे चरण में जीत गया हो। वामपंथी लूला दा सिल्वान ने अपने प्रतिद्विंद्वी दक्षणपंथी और डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगी माने जाने वाले फ्लावियो बोल्सोनारो को छोटे अंतर से हरा दिया। ब्राजील की आंतरिक राजनीति के अलावा यह जीत भारत के लिए भी बेहद अहम है। ब्राजील और भारत दोनों ही BRICS के अंतरगत बड़े सहयोग हैं। बीते कुछ सालों में भारत और ब्राजील के बीच व्यापारिक संबंध काफी मजबूत हुए हैं। दूसरी तरफ दा सिल्वा अमेरिका और चीन दोनों की नीतियों का विरोधी है।डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों से विरोध ब्राजील लैटिन अमेरिका की सबसे...