किशनगंज, दिसम्बर 10 -- पोठिया, निज संवाददाता किशनगंज जिले के पोठिया प्रखंड में डोंक और महानंदा नदी के कटाव का कहर अब यहां की आबादी के लिए एक स्थायी प्रकोप का रूप ले चुका है। प्रखंड के सैकड़ों परिवार वर्षों से इन नदियों के कारण होने वाली तबाही का सामना कर रहे हैं। दोनों नदियों के कटाव ने जहां गांवों का भूगोल बदल दिया है, वहीं किसानों की उपजाऊ भूमि, धार्मिक स्थल, सड़कें, पुल-पुलिया, शिक्षा संस्थान और हजारों लोगों की जीवन भर की पूंजी नदी के प्रवाह में समा गई है। हालात यह हैं कि कई पंचायतों के दर्जनों गांव आज भी कटाव के मुहाने पर खड़े हैं। डोंक और महानन्दा नदियों का यह तांडव नया नहीं है। वर्ष 1968 में आई विनाशकारी बाढ़ ने पूरे प्रखंड की भौगोलिक संरचना बदल डाली थी। इसके बाद भी हर साल बरसात के मौसम में नदियों का जलस्तर बढ़ते ही दियारा क्षेत्रों में ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.