गया, मार्च 19 -- दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के समाजशास्त्रीय अध्ययन विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. हरेश नारायण पांडेय ने सिंगापुर और मलेशिया में साउथ एशियन सोशियोलॉजिकल सोसाइटी की ओर से आयोजित तृतीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपने शोधपत्र प्रस्तुत किया। संसाधन व्यक्ति के रूप में डॉ. पांडेय ने "वैश्वीकरण, भारतीय ज्ञान प्रणाली और सांस्कृतिक गतिशीलता: एक शास्त्रीय परिप्रेक्ष्य" शीर्षक पर अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया। यह शोध-पत्र भारतीय ज्ञान प्रणाली के संदर्भ में मानव जीवन की दार्शनिक समझ पर प्रकाश डालता है, जिसमें जीवन में केवल भौतिक उपलब्धियों पर ही नहीं, बल्कि व्यक्तियों के आध्यात्मिक विकास और उन्नति पर भी विशेष बल दिया गया है, जो स्थायी शांति और समृद्धि ला सकता है। समकालीन वैश्विक परिप्रेक्ष्य में, जो संघर्ष, हिंसा, प्रभुत्...