लखनऊ, अप्रैल 25 -- केजीएमयू मेडिसिन विभाग के लिवर एवं पित्त रोग इकाई के डॉ. सुधीर वर्मा ने तुर्किये के इस्तांबुल में आयोजित प्रतिष्ठित एपीएएसएल 2026 में मौखिक शोध प्रस्तुति दी। उनका शोध एक्यूट-ऑन-क्रॉनिक लिवर फेल्योर में 90 दिन की मृत्यु दर के पूर्वानुमान में यकृत कठोरता में बदलाव पर आधारित था। इस अध्ययन में गंभीर लिवर रोगियों के इलाज और रोग की गंभीरता समझने में उपयोगी निष्कर्ष सामने आए हैं। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद और मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. वीरेन्द्र आतम ने डॉ. वर्मा को बधाई दी।

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