नई दिल्ली, मार्च 27 -- भारत अमेरिका के प्रतिबंधों और डॉलर-आधारित भुगतान व्यवस्था की परवाह किए बिना रूस से ऊर्जा आयात बढ़ाने जा रहा है। दरअसल जनवरी में अमेरिका द्वारा लगाए गए दंडात्मक टैरिफ से राहत पाने के लिए भारत ने रूसी कच्चे तेल की खरीद में भारी कटौती की थी, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति एक बड़ी रियायत के रूप में देखा गया था। लेकिन महज दो महीने बाद ही, भारत और रूस अपने ऊर्जा सहयोग को तेजी से बढ़ा रहे हैं। यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद पहली बार, दोनों देश रूस से तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की सीधी खरीद फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि इस सौदे से पश्चिमी प्रतिबंधों का उल्लंघन होने का जोखिम है, लेकिन सूत्रों के अनुसार अगर भारत इस दिशा में आगे बढ़ता है, तो कुछ ही हफ्तों में बातचीत पूरी हो सकती है।एलएनजी और क...