नई दिल्ली, मार्च 28 -- भारतीय करेंसी रुपया की गिरावट का सिलसिला जारी है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 रुपये के करीब पहुंच चुका है। वैसे तो इकोनॉमी के लिहाज से यह टेंशन की खबर है लेकिन करेंसी मार्केट में ट्रेड करने वाले निवेशकों के लिए मुनाफा कमाने का मौका भी है। रुपये में आई ऐतिहासिक गिरावट की वजह से अब डॉलर होल्ड या विदेशी करेंसी में निवेश, पारंपरिक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के मुकाबले ज्यादा आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है।क्या कहते हैं आंकड़े? मार्च 2025 से मार्च 2026 के बीच कई प्रमुख मुद्राओं ने रुपये के मुकाबले दो अंकों की मजबूती दिखाई है। इसमें ऑस्ट्रेलियाई डॉलर सबसे आगे रहा। इस करेंसी में करीब 20 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज हुई। वहीं, यूरो में लगभग 18 प्रतिशत, न्यूजीलैंड डॉलर और अमेरिकी डॉलर ने भी क्रमशः 11 प्रतिशत और 10.7 प्रतिशत की बढ़त द...