डॉक्टर बनकर माता-पिता के दुख दूर करना चाहती थी श्वेता
खगडि़या, मई 19 -- खगड़िया । एक प्रतिनिधि कहते हैं कि बेटियां माता-पिता का गुरूर होती हैं और जब वही बेटी उनके सुनहरे भविष्य की उम्मीद बन जाए, तो जीने की राह आसान हो जाती है, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जिले के पसराहा थाना क्षेत्र के झंझरा गांव की एक बेहद होनहार और मेधावी बेटी 14 वर्षीया श्वेता कुमारी की सड़क हादसे में सोमवार को हुई असामयिक मौत ने न सिर्फ एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि माता-पिता के उन सपनों को भी चकनाचूर कर दिया। जो उन्होंने अपनी लाडली की आंखों में देखे थे। गरीबी से लड़कर डॉक्टर बनने का था सपना यह भी पढ़ें- डॉक्टर बनकर माता-पिता के दुख दूर करना चाहती थी श्वेताश्वेता का परिवार श्वेता का परिवार बेहद साधारण और गरीब पृष्ठभूमि से आता है। उसके पिता सुबोध चौरसिया घर से दूर परदेश में मजदूरी करके परिवार का पेट पालते ह...
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