रुद्रपुर, मार्च 3 -- पंतनगर। गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनमोहन सिंह चौहान ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, करनाल द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित 'डॉ. डी सुंदरेसन स्मृति व्याख्यान' में मुख्य वक्ता के रूप में व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने "सहायक पशु प्रजनन प्रौद्योगिकियाँ: विकसित भारत 2047 की ओर" विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, जलवायु-अनुकूल नस्लों के विकास तथा स्वदेशी नस्लों के संरक्षण में आधुनिक प्रजनन तकनीकों की अहम भूमिका है। कृत्रिम गर्भाधान, अंडाणु संकलन एवं परखनली निषेचन, भ्रूण प्रत्यारोपण तथा जीनोमिक चयन जैसी तकनीकें पशुधन की आनुवंशिक गुणवत्ता सुधारने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। कुलपति ने कहा कि डेयरी क्षेत्र में स्थायी प्रगति केवल पशु...
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