गंगापार, जून 24 -- मांडा, हिन्दुस्तान संवाद। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निःशुल्क दवा उपलब्ध कराने के दावों के बीच मांडा सीएचसी की व्यवस्था सवालों के घेरे में है। आरोप है कि अस्पताल में दवाएं उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को बाहर की मेडिकल दुकानों से दवा खरीदने के लिए पर्ची लिखी जा रही है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।भारतगंज कस्बे के गारोपुर मोहल्ला निवासी शमसुल हक अंसारी अपनी 13 वर्षीया बेटी इल्मा को उपचार के लिए मंगलवार रात मांडा सीएचसी पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकीय परीक्षण के बाद अधीक्षक डॉ. उदय प्रकाश कुशवाहा ने दवाइयां पर्चे पर लिख दीं और उन्हें अस्पताल के सामने स्थित मेडिकल स्टोर से लेने के लिए कहा। जब परिजन दवा लेने पहुंचे, तो जनरिक दवाओं के नाम पर करीब 550 रुपये की कीमत बताई गई। अधी...