गोरखपुर, मई 4 -- मेडिकल कॉलेज, हिन्दुस्तान संवाद। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में रविवार को नवजात शिशु की जान बचाने से जुड़ा एडवांस नियोनेटल रिसेसिटेशन प्रोग्राम पीडियाट्रिक इंस्टिट्यूट भवन के सेमिनार कक्ष में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में 42 स्वास्थ्यकर्मियों ने हिस्सा लिया। इसमें जन्म के समय की तैयारी, शुरुआती देखभाल, पॉजिटिव प्रेशर वेंटिलेशन, इंटुबेशन, छाती दबाव, दवाओं का उपयोग और नसों तक पहुंच बनाने पर प्रशिक्षण दिया गया। बालरोग विशेषज्ञ डॉ अजीत यादव ने बताया कि शिशु के जन्म के बाद का पहला मिनट सबसे अहम होता है। इसी समय यह तय होता है कि बच्चा अपनी सांस अपने आप शुरू कर पाएगा या उसे तुरंत सहायता की जरूरत होगी। अगर इस समय देरी हो जाए तो ऑक्सीजन की कमी से मस्तिष्क और शरीर के दूसरे अंगों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। यह भी पढ़ें...