बुलंदशहर, जून 30 -- एक तरफ जहां आज पूरा देश डॉक्टरों के समर्पण और सेवा को सलाम करते हुए राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे मना रहा है, वहीं दूसरी तरफ जिले की सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं खुद ही बीमार चल रही हैं। दावों और वादों के बीच हकीकत यह है कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और विशेषज्ञों की कमी ने पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा रही हैं। आलम यह है कि सरकारी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को चमकाने की तमाम कोशिशों पर डॉक्टरों की यह कमी ग्रहण लगा रही है। जिला अस्पताल से लेकर संयुक्त अस्पतालों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी है। इस कमी को जैसे-तैसे पूरा करते हुए विभाग स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करा रहा है, लेकिन बढ़ते मरीजों के दबाव के आगे ये इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। इसके चलते मरीजों क...