बहराइच, अप्रैल 28 -- तेजवापुर, संवाददाता। डॉक्टरों की कमी के कारण जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था अब तक पटरी पर नहीं लौट पाई है। सीएचसी और पीएचसी पर हालात चिंताजनक बने हुए हैं, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल रहा। अधिकांश केंद्रों पर आयुष चिकित्सकों के सहारे ही स्वास्थ्य सेवाएं संचालित की जा रही हैं, जो सीमित संसाधनों के चलते गंभीर मरीजों के उपचार में सक्षम नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को मजबूरी में मेडिकल कॉलेज या निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। कई जगहों पर जरूरी जांच उपकरण और दवाओं की भी कमी बनी हुई है, जिससे मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। यह भी पढ़ें- पीएचसी में डॉक्टरों की कमी से मरीज परेशान स्वास्थ्य विभाग द्वारा डॉक्टरों की भर्ती और त...