नई दिल्ली, जुलाई 27 -- जब इंसान कुछ नया और बड़ा करने की ठान लेता है तो रास्ते में आने वाली बड़ी से बड़ी रुकावटें भी घुटने टेक देती हैं। कुछ ऐसी ही कहानी 35 साल की डॉ. चारुल सिंह की है। एक वक्त था जब वह बतौर पीडियाट्रिक डेंटिस्ट हर महीने करीब 1.25 लाख रुपये कमा रही थीं। लेकिन आज वह सफेद कोट और स्टेथोस्कोप को पीछे छोड़कर डिजिटल दुनिया में अपनी एक खास पहचान बना चुकी हैं। देश के सबसे दुर्गम इलाकों में से एक, जम्मू-कश्मीर की एक दूरदराज लोकेशन में रहते हुए डॉ. चारुल ने न केवल एक नया करियर खड़ा किया, बल्कि आज वह अपनी पुरानी मेडिकल सैलरी से भी कहीं ज्यादा कमाई कर रही हैं। हिंदुस्तान टाइम्स से खास बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी इस पूरी यात्रा का खुलासा किया। इसमें डॉक्टर बनने से लेकर, आर्मी वाइफ के तौर पर बार-बार होने वाले ट्रांसफर, मां बनने के दौर...