लखनऊ, अप्रैल 30 -- वेंटिलेटर को लेकर मनमानी पर लगाम कसने की कवायद को तगड़ा झटका लगा है। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में वेंटिलेटर खाली या भरे होने की जानकारी देने वाले दोनों मॉनीटर गुरुवार को बंद रहे। इसकी वजह से तीमारदारों को वेंटिलेटर की सही स्थिति का पता लगाने में खासी परेशानी हुई। ट्रॉमा सेंटर में करीब 400 बेड हैं। जिसमें कुल 149 वेंटिलेटर बेड हैं। इनमें 77 वेंटिलेटर वयस्कों और 72 बच्चों के लिए हैं। ज्यादातर समय ये फुल ही रहते हैं। ट्रॉमा सेंटर में कई राज्यों से मरीज गंभीर अवस्था में आ रहे हैं। इनमें से काफी मरीजों को वेंटिलेटर बेड की जरूरत होती है। कई बार मरीजों को वेंटिलेटर बेड नहीं मिल पाते हैं। दलाल मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में ले जाते हैं। इसमें डॉक्टर व दलालों का गठजोड़ भी कई बार उजागर हो चुका है। व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए केज...