रांची, अप्रैल 11 -- रांची। झारखंड में खेल और खिलाड़ियों के विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत चिंताजनक है। राज्य के डे-बोर्डिंग सेंटरों में प्रशिक्षण ले रहे हजारों खिलाड़ी पिछले एक साल से अपनी प्रोत्साहन राशि (छात्रवृत्ति) का इंतजार कर रहे हैं। जिलों की ओर से कई बार खेल निदेशालय से इस संबंध में आग्रह किया गया, लेकिन तकनीकी कारणों और फंड की कमी से भुगतान अटका हुआ है। राज्य में वर्ष 2005-06 से संचालित इन डे-बोर्डिंग सेंटरों के 20 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है, जब खिलाड़ियों को एक साल तक राशि नहीं मिल सकी है। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक खिलाड़ी को महज 500 रुपये प्रति माह प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिसका उपयोग वे मुख्य रूप से अपने पौष्टिक आहार (डाइट) के लिए करते हैं। एक साल से भुगतान न होने के कारण खिलाड़ियों को बेहतर डाइट नहीं मिल...