देहरादून, मई 14 -- श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के डॉक्टरों ने एक दुर्लभ सर्जरी कर डेढ़ साल के मासूम को नई जिंदगी दी है। जन्मजात बीमारी के कारण भोजन नली अविकसित होने से बच्चा जन्म से ही मुंह से कुछ भी खाने-पीने में असमर्थ था। सफल ऑपरेशन के बाद जब बच्चे ने पहली बार मां का दूध पिया, तो परिजनों की आंखें भर आईं। अस्पताल के वरिष्ठ शिशु शल्य चिकित्सक डॉ. मधुकर मलेठा ने बताया कि बच्चा प्योर इसोफेगियल एट्रेसिया नामक दुर्लभ रोग से ग्रसित था। जटिल गैस्ट्रिक पुल-अप तकनीक के जरिए बच्चे के पेट को ऊपर की ओर स्थापित कर नई भोजन नली बनाई गई। इस सफल पुनर्निर्माण के बाद अब बच्चा सामान्य रूप से आहार लेने में सक्षम है। अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने इस बड़ी उपलब्धि पर चिकित्सा टीम को बधाई दी। इस जटिल ऑपरेशन में डॉ. रोहित, डॉ. निगार, डॉ. गु...