बांका, फरवरी 24 -- बौंसी, निज संवाददाता। मंदार क्षेत्र में मारवाड़ी समाज होलिकोत्सव पारंपरिक तरीके से पिछले 152 सालों से आयोजन हो रहा है। होलिका दहन से 8 दिन पूर्व ही होलाष्टक आरंभ हो जाता है। होलाष्टक लगने के पश्चात मारवाड़ी समाज में घर की महिलाएं गोबर से बड़कूला गोलरी तैयार करती हैं। गोलरी को प्रतिदिन मारवाड़ी समाज की महिलाएं धूप में सिखाती हैं, इसके बाद होलिका दहन से 2 दिन पूर्व गाय के गोबर से नारियल चांद आदि से बनाया जाते हैं। इसके बाद इनका माला बनाकर होली के एक दिन पूर्व घर के सभी महिला एवं पुरुष घर के आंगन में गोलरी को रखकर भक्त प्रह्लाद एवं होलिका की पूजा करते हैं। होलिका दहन के दिन घर की महिलाएं पारंपरिक राजस्थानी परिधान पहनकर भक्त प्रहलाद की पूजा एवं भोग लगाकर होलिका दहन स्थल पर आती हैं और वहां पर गोलरी नारियल आदि को जहां पर होलि...
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