नई दिल्ली, मार्च 30 -- महापंजीयक और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सोमवार को लोगों से जनगणना करने वालों को सही जानकारी देने की अपील करते हुए आश्वस्त किया कि व्यक्तिगत डेटा गोपनीय रहेगा तथा इसे किसी साक्ष्य या किसी योजना का लाभ लेने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। दिल्ली समेत देश के कुछ राज्यों में अप्रैल में 16वीं जनगणना का पहला चरण शुरू होने से पहले नारायण ने यहां संवादाता सम्मेलन में कहा कि जनगणना अधिनियम की धारा 15 के तहत सभी व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रहती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जनगणना का पहला चरण 16 अप्रैल से 15 मई तक होगा। उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान एकत्र किया गया सभी व्यक्तिगत डेटा गोपनीय रहता है। इसे सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत किसी भी सरकारी या गैर सरकारी संगठन के साथ साझा नहीं किया सकता है। इसे...
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