लखनऊ, मई 19 -- लखनऊ। प्रमुख संवाददाता राजधानी के करीब 27 मोहल्ले और कॉलोनियां ऐसी हैं, जो कुत्तों की वजह से डेंजर जोन बन गए हैं। यहां लोग छोटे बच्चों को घर के बाहर भेजने से डरते हैं। पार्कों में बच्चों को खेलने नहीं देते जबकि बुजुर्गों ने सुबह-शाम टहलना तक कम कर दिया है। यह भी पढ़ें- गर निगम को शासन के निर्देश का इंतजारसबसे ज्यादा संवेदनशील इलाके सबसे ज्यादा संवेदनशील इलाके पुराने लखनऊ के बताए जा रहे हैं। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक वजीरगंज, कैसरबाग, बशीरतगंज, बालागंज, याहियागंज, अमीनाबाद और लालबाग जैसे क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ी है। अधिकारियों का तर्क है कि इन इलाकों में खुले में मांस और हड्डियां फेंके जाने से कुत्तों के झुंड जमा हो जाते हैं। यही वजह है कि यहां लोगों में सबसे ज्यादा डर का माहौल है। यह भी पढ़ें-...