डूब गया घर का एकलौता चिराग, परिवार का सहारा टूटा
बहराइच, मई 29 -- तेजवापुर, संवाददाता। गोलू , सूरज और मोहित तीनों के शव गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। घर में महिलाएं रोकर बेहाल थीं। हर किसी की आंखें नम थीं। गोलू और सूरज दोनों में बहुत गहरी दोस्ती थी। दोनों कहीं भी जाते साथ जाते थे। दोनों का शव पहुंचने पर गांव में सभी की आंखें नम हो गई। कोई दिलासा काम नहीं आ रही थी। देहात कोतवाली क्षेत्र के टिकोरा गांव का 19 वर्षीय सूरज जायसवाल उम्र में भले छोटा था, लेकिन जिम्मेदारियां बड़ी थीं। पिता स्वर्गीय शिवकुमार के निधन के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उसी के कंधों पर आ गई थी। यह भी पढ़ें- डूब गया घर का एकलौता चिराग, परिवार का सहारा टूटा परिवार का भरण-पोषण करने के लिए सूरज टेम्पो चलाता था और रोज की कमाई से घर का खर्च चलाता था। परिजनों के मुताबिक सूरज सिर्फ बेटा नहीं, बल्कि मां की उम्मीदों का सहारा और घर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.