रांची, अगस्त 19 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। झारखंड के जलस्रोतों में डूबने से होने वाली अप्राकृतिक मौतों को रोकने के समाधान की दिशा में बुधवार को पहला राज्यस्तरीय सम्मेलन हुआ। बुधवार को रांची में नेशनल हेल्थ मिशन झारखंड और स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत गैर सरकारी संस्था सिनी द्वारा वैश्विक सहयोगियों जैसे आरएनएलआई के तकनीकी सहयोग से स्टेट लेवल कंसल्टेशन ऑन ड्रौनिंग प्रिवेंशन कार्यशाला की गई। इसमें 90 दिनों की कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी। सम्मेलन में पेश आंकड़ों के अनुसार मई से जुलाई 2025 के बीच राज्य में डूबने से 161 लोगों की जान गई है, जो प्रतिदिन औसतन दो मौतों को दर्शाता है। इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए विशेषज्ञों और अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटना के बाद राहत कार्य चलाने से बेहतर है कि दुर्घटना होने ही न दी जाए। यह भी पढ़ें-...