बक्सर, अप्रैल 13 -- पेज पांच के लिए ------ कृत्रिम रुद सागर सेवा संस्थान मंदिरों में लगा रहा है घोंसला पर्यावरण संतुलन के लिए जरूरी है गौरैया का संरक्षण फोटो संख्या- 03, कैप्सन- सोमवार को डुमरांव के जंगलीनाथ महादेव मंदिर परिसर में गौरेया का घोंसला लगा मुहिम की शुरुआत करते समिति के सदस्य। डुमरांव, संवाद सूत्र। गौरैया पक्षी, जिसकी चहचहाहट कभी हर घर के आंगन और बगीचों को जीवंत बना देती थी। आज वही गौरैया शहर और गांवों से विलुप्त होती जा रही है, जो पर्यावरण के असंतुलन का संकेत भी है। गौरैया के संरक्षण को लेकर स्थानीय रुद सागर सेवा संस्थान के सदस्यों ने गौरैया संरक्षण अभियान के तहत शहर के मंदिर परिसरों में गौरेया कुंज नामक कृत्रिम घोंसले लगाने की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य गौरैया को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना और लोगों को इसके संरक्षण के प्रति...
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