नई दिल्ली, अप्रैल 6 -- नई दिल्ली। सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में पीएचडी नामांकन प्रक्रिया में कथित भेदभाव और मनमानी के विरोध में प्रदर्शन किया गया। छात्रों का कहना था कि हिंदी विभाग द्वारा जारी एक नोटिस में यह स्पष्ट किया गया था कि पीएचडी में प्रवेश केवल जेआरएफ उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को ही दिया जाएगा। इसमें नेट तथा ओनली फॉर पीएचडी क्वालीफाई अभ्यर्थियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। हिंदी विभाग में पीएचडी के लिए कुल 125 सीटें रिक्त हैं, जबकि विभाग ने 150 जेआरएफ योग्य उम्मीदवारों की सूची जारी की है। दूसरी ओर, यूजीसी के नियमों के अनुसार नेट तथा ओनली फॉर पीएचडी योग्य अभ्यर्थी भी पीएचडी में प्रवेश के लिए पात्र होते हैं, जिनकी संख्या 500 से अधिक है।
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