नई दिल्ली, जून 12 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संगठन एकेडमिक फार एक्शन एंड डेवलेपमेट टीचर्स एसोसिएशन (एएडीटीए) ने विश्वविद्यालय की हाल ही में जारी उस अधिसूचना का विरोध किया है, जिसके तहत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के अनुसार विद्यार्थियों को स्वयम् और अन्य मान्यता प्राप्त ऑनलाइन मंचों के माध्यम से अपने पाठ्यक्रम के पांच प्रतिशत तक क्रेडिट अर्जित करने की अनुमति दी गई है। संगठन का कहना है कि यह व्यवस्था भविष्य में शिक्षकों के कार्यभार और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है。

विरोध का कारण एएडीटीए ने जारी बयान में कहा कि तकनीक के उपयोग का विरोध नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि इस लचीलेपन की कीमत कौन चुकाएगा। संगठन के अनुसार चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में छात्र अब आठ तक क्रेडिट ऑनलाइन...