नई दिल्ली, मार्च 26 -- नई दिल्ली, प्र. सं.। दिल्ली विश्वविद्यालय के पांच कर्मचारी संगठनों ने प्रॉक्टर के उस निर्देश की निंदा की है जिसमें प्रदर्शन से पहले अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। कर्मचारी संगठनों ने इसे मौलिक अधिकारों का हनन बताया। संगठनों ने डीयू कुलपति से इसे वापस लेने की मांग की है। इससे पहले डीयू के पांच गैर शैक्षणिक संगठनों की बैठक दिल्ली विश्वविद्यालय एवं कॉलेजेज लैब स्टाफ एसोसिएशन के कार्यालय में हुई। इसमें सभी संगठनों के बीच समन्वय समिति का गठन किया गया। लाइब्रेरी एसोसिएशन के संयोजक योगेन्द्र तिवारी को इसका चेयरमैन व डॉ. राजेश मेहता को उप-चेयरमैन बनाया गया है। बैठक में फैसला लिया गया कि आगे से किसी भी आंदोलन को समर्थन देने का फैसला पांचों संगठन मिलकर करेंगे।
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