गोरखपुर, मार्च 9 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ छात्रों को व्यावहारिक और औद्योगिक अनुभवों से जोड़ने की पहल करने जा रहा है। प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस पद पर नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू करने के बाद अब विश्वविद्यालय यूजीसी के दिशा-निर्देशों के तहत एडजंक्ट फैकल्टी के चयन की प्रक्रिया शुरू करेगा। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इसे लेकर नियम एवं प्रक्रिया का विस्तृत विवरण एक सप्ताह के अंदर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। विश्वविद्यालय की इस योजना के तहत अनुसंधान संस्थानों (आईसीएआर, सीएसआईआर, आईसीएमआर) के वैज्ञानिकों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के पेशेवरों, सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस अधिकारियों और उद्योग जगत के कुशल विशेषज्ञों को शिक्षण कार्य से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा विदेशी संस्थानो...
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