नई दिल्ली, मार्च 11 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता खेतों में बचा अवशेष जलाने से प्रदूषण की होने वाली समस्या के समाधान पर काम करने वाली तकनीक में दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) के पूर्व छात्र और उद्यमी राजेश के सोइन ने पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकी पर काम कर रहे एक स्टार्टअप में चार करोड़ रुपये का प्रारंभिक निवेश किया है। यह निवेश डीटीयू के ही पूर्व छात्र सुमित पोपली द्वारा स्थापित स्टार्टअप बायोम सस्टेनेबिलिटी वेंचर्स के लिए किया गया है जो कृषि अवशेषों को पर्यावरण अनुकूल निर्माण सामग्री में बदलने की तकनीक विकसित कर रहा है।यह स्टार्टअप डीटीयू के नवाचार और उद्यमिता केंद्र डीटीयू इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन फाउंडेशन में विकसित हुआ है। संस्थान के अनुसारडीटीयू के कुलपति प्रो.प्रतीत शर्मा का कहना है कि यह निवेश विश्वविद्यालय के नवाचार तंत...