मऊ, जून 15 -- मऊ, संवाददाता। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय भारत सरकार द्वारा डीजल खरीद की लिमिट प्रतिदिन 200 लीटर तय किए जाने से ग्रामीण क्षेत्र में डीजल इंजन से चालित मशीनों से व्यवसाय करने वालों में सरकार के इस फैसले से निराशा है। वहीं डीजल लिमिट से लम्बी दूरी के लिए वाहन चलवाने वाले ट्रांसपोर्टरों को दिक्कत होने की आशंका है। दूसरी ओर बिना 'केसो कन्टेनर' के किसी भी व्यक्ति को 200 लीटर डीजल नहीं मिलेगा, जबकि किसानों के पास केसो कंटेनर ही नहीं होते। बड़ी संख्या में ऐसे किसान जो किसानी के काम के लिए डीजल अधारित उपकरणों पर निर्भर हैं, उनके माथे पर चिंता की लकीरे साफ तौर पर देखी जा सकती हैं। इसके अलावा शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक छोटे उद्यमियों की परेशानियां भी बढ़ सकती हैं यह भी पढ़ें- आत मंत्री से मुलाकात करेंगे पेट्रोल पंच सं...