शामली, मार्च 31 -- चौसाना। इजराइल-ईरान युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच क्षेत्र के किसानों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। खासकर साठी धान की फसल उगाने वाले किसान इस स्थिति से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। डीजल की संभावित कमी को देखते हुए किसान पेट्रोल पंपों से अतिरिक्त डीजल खरीदकर भंडारण कर रहे हैं, जिससे बाजार में कृत्रिम किल्लत की स्थिति भी बनती जा रही है। जनपद के गांवों के किसान साठी धान सबसे अधिक बोते है। हालाकि सरकारे साठी धान के नुकसान को किसानों को बताने का काम करती है ताकि भूजल को सुरक्षित किया जा सके लेकिन फिर भी जनपद शामली मे सबसे अधिक साठी धान बोई जाती है। साठी धान किसानो का कहना है कि साठी धान की फसल 60 से 70 दिनों में तैयार होने वाली फसल है, किसानों के लिए आर्थिक रूप से काफी ल...