नई दिल्ली, अप्रैल 21 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार द्वारा धन शोधन रोधी कानून के कुछ प्रावधानों व उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच को चुनौती वाली याचिका पर मंगलवार को केन्द्र से जवाब मांगा है। इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने यह निर्देश दिया कि उन्हें दंडात्मक कार्रवाई से प्राप्त अंतरिम राहत जारी रहेगी। न्यायमूर्ति नवीन चावला एवं न्यायमूर्ति रविन्द्र डुडेजा की पीठ ने कांग्रेस नेता की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिबल के अनुरोध पर 2022 में दायर याचिका में केन्द्र सरकार को पक्षकार बनाया, क्योंकि अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ने दलील दी थी कि केन्द्र की अनुपस्थिति में केन्द्रीय अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। यह भी पढ़ें- एनआईए एक्ट की वैधता को चु...
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