नैनीताल, मार्च 3 -- नैनीताल, संवाददाता। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर स्थित वनस्पति विज्ञान विभाग में खरपतवार पौधों से कृषि उपयोगी बायोचार विकसित किया गया है। यह शोध प्रो. एसएस बर्गली और प्रो. किरन बर्गली की ओर से किया गया है। शोध के तहत काला बासा, बथुआ, मेथी, दूब घास व लकड़ी जैसे खरपतवारों को ऑक्सीजन-रहित परिस्थितियों में उच्च तापमान (250 से 1000 डिग्री सेल्सियस) पर जलाकर बायोचार तैयार किया गया। यह बायोचार मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, जल धारण क्षमता सुधारने और दीर्घकाल तक कार्बन संरक्षण में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि यह तकनीक आक्रामक खरपतवारों के नियंत्रण के साथ-साथ सतत कृषि और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी समाधान प्रस्तुत करती है।

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