रांची, जुलाई 17 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने वर्ष 2000 के चर्चित डीएसपी यूसी झा हत्याकांड में ट्रायल कोर्ट के बरी करने के फैसले को बरकरार रखा है। अदालत ने सरकार की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें वर्ष 2013 में सभी आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ संदेह से परे अपराध साबित करने में विफल रहा है। ऐसे में ट्रायल कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि किसी भी आपराधिक मामले में दोषसिद्धि के लिए ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य आवश्यक हैं। यह भी पढ़ें- आधी सदी तक चली लड़ाई, सुप्रीम कोर्ट से बरी हुए 3 बुजुर्ग; एक ने जेल में ही काट दी उम्रकैद इस मामले में अभियोजन पक्ष आरोपियों की पहचान और उनके खिलाफ आरोप ...