नई दिल्ली, अप्रैल 2 -- डीएलएड 2025 सत्र में कुल सीटों के मुकाबले सिर्फ 40 फीसदी पर ही प्रवेश हो पाया। 2 लाख 39 हजार से ज्यादा सीटों में से महज करीब 95 हजार सीटें ही भर सकीं। पिछले साल के मुकाबले यह संख्या लगभग आधी रह गई है जो साफ संकेत देती है कि यूपी के युवाओं का इस कोर्स से भरोसा कम हो रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह है लंबे समय से परिषदीय स्कूलों में शिक्षक भर्ती का न आना। 2018 के बाद से भर्ती न होने के कारण युवाओं को नौकरी की उम्मीद कम नजर आ रही है। ऐसे में वे डीएलएड जैसे कोर्स में समय और पैसा लगाने से बच रहे हैं।बाहरियों में बढ़ा क्रेज जहां यूपी के छात्र पीछे हट रहे हैं, वहीं दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी इस मौके को भुना रहे हैं। इस साल करीब 30 फीसदी सीटों पर बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान जैसे राज्यों के छात्रों ने दाखिला लिया है।...