मुंगेर, अप्रैल 22 -- मुंगेर, निज संवाददाता। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्याप्त सुस्ती और लापरवाही पर जिलाधिकारी निखिल धनराज ने मंगलवार को कड़ा रुख अख्तियार किया। समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान डीएम का पारा उस वक्त चढ़ गया, जब एसएनसीयू में नवजात शिशुओं की मृत्यु दर 13 प्रतिशत पाई गई। इस भयावह आंकड़े पर गहरा खेद जताते हुए उन्होंने इसे स्वीकार करने योग्य नहीं बताया और स्पष्ट किया कि मासूमों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। बैठक में काम में कोताही बरतने वाले अधिकारियों और चिकित्सकों की डीएम ने जमकर क्लास ली। एएनएम की साप्ताहिक बैठक सुनिश्चित न करने पर उन्होंने टेटियाबंबर को छोड़कर जिले के सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। डीएम ने कड़ा निर्देश देते हुए इन सभी का ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.